आखातीज पर होने वाले विवाह समारोहों पर बनी रहेगी प्रशासन की कड़ी नजर

बाल विवाह की रोकथाम के लिए कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित

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विवाह समारोह के लिए जिला प्रशासन से पूर्व अनुमति ली जानी आवश्यक होगी और कोरोना संक्रमण से बचाव के सभी उपाय एवं दिशा निर्देशों का पालन करना होगा जरूरी 

जयपुर (विसं.)। आखातीज के अबूझ सावे पर रविवार को होने वाले विवाह आयोजनों पर जयपुर जिला प्रशासन की नजर बनी रहेगी। कोरोना आपदा के कारण विवाह समारोह के लिए जिला प्रशासन से पूर्व अनुमति ली जानी आवश्यक होगी एवं कोरोना संक्रमण से बचाव के सभी उपाय एवं दिशा निर्देशों का पालन जरूरी होगा।

जिला कलेक्टर डॉ. जोगाराम ने बताया कि विवाह आयोजनों के इच्छुक व्यक्तियों को सशर्त अनुमति के लिए जिला कलेक्ट्रेट में एक निश्चित प्रारूप में आवेदन करना होगा। आयोजन कर्ता को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत जारी आदेशों की पूर्ण पालना करनी होगी एवं लॉकडाउन की गाइडलाइन व जारी निर्देशोें की भी पूरी पालना करनी होगी। धारा 144 के दिशा निर्देशों के अनुसार विवाह समारोह में पांच से अधिक व्यक्ति शामिल नहीं हो सकेंगे।

जिला कलेक्टर ने बताया कि जिस भी व्यक्ति को वैवाहिक आयोजन की सशर्त अनुमति दी जाएगी, उसे अपना पहचान पत्र, वैवाहिक गतिविधियां समाप्त होने तक साथ रखना होगा। साथ ही आवागमन हेतु वाहन संख्या का भी ब्योरा देकर स्वीकृति प्राप्त करनी होगी। विवाह में सम्मलित होने वाले सभी व्यक्तियों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा, समारोह में सामाजिक दूरी बनाए रखनी होगी। वाहनों एवं व्यक्तियों केा सेनेटाइज किया जाना एवं बार-बार हाथों को साबुन एवं हैण्ड सेनेटाइजर से साफ करना सुनिश्चित करना होगा।

कन्टेन्मेंट जोन एवं कर्फ्यूग्रस्त क्षेत्र के लिए अलग से लेनी होगी अनुमति

जिला कलेक्टर डॉ. जोगाराम ने बताया कि सामान्य सशर्त अनुमति कर्फ्यूग्रस्त क्षेत्र एवं कन्टेनमेंट जोन के लिए लागू नहीं होगी। इन क्षेत्रों के लिए अनुमति अलग से प्राप्त करनी होगी।

बाल विवाह की रोकथाम के लिए जिला कलेक्टर ने जारी किए निर्देश

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जिला कलेक्टर डॉ. जोगाराम ने जिले में आखातीज पर बाल विवाह पर निगरानी एवं रोकथाम के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी कर कहा है कि इस सामाजिक बुराई की रोकथाम के लिए सभी अधिकारी-कर्मचारी समुचित कार्यवाही करें। उन्होंने इस सम्बन्ध में जागरूकता अभियान के लिए ब्लॉक एवं जिला स्तर पर गठित विभिन्न सहायता समूह, महिला समूह, स्वाथ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, साथिन, सहयोगिनी के कोर ग्रुप, एनजीओ की सहायता प्राप्त करने के लिए अधिकारियेां को निर्देशित किया है।

जिला कलेक्टर ने बाल विवाह की रोकथाम से जुडे सभी अधिकारियों को गांवों में अपना सूचना तंत्र मजबूत करने के साथ ही सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखे जाने के सम्बन्ध में प्रचार के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने कहा है कि बाल विवाह एक संज्ञेय एवं गैर जमानती अपराध है। जिसकी किसी भी माध्यम से पुख्ता सूचना मिलने पर बिना किसी औपचारिक रिपोर्ट के मुकदमा दर्ज कराना एवं त्वरित कानूनी कार्यवाही करना पुलिस का कर्तव्य है।

उन्होंने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम में बाल विवाह में सहयोग करने वाले पंडित, मौलवी, पादरी, टेण्टवाला, हलवाई, बैण्ड बाजे वाला एवं इसमें भाग लेने वाले सभी संज्ञेय एवं गैर जमानती अपराध के लिए उत्तरदायी हैं। इनके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी।

बाल विवाह की रोकथाम के लिए कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित

जिला कलेक्टर डॉ. जोगाराम ने बताया कि अक्षय तृतीया पर बाल विवाह की रोकथाम के लिए जिला स्तर पर कलेक्ट्रेट जयपुर में कमरा संख्या 4 में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा जगदीश प्रसाद रावत इसके प्रभारी हैं। नियंत्रण कक्ष पर बाल विवाह के सम्बन्ध में प्राप्त होने वाली शिकायतों का इंद्राज बाल विवाह शिकायत रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि शिकायत प्राप्त होते ही उसके त्वरित निस्तारण के लिए शिकायत से सम्बन्धित उपखण्ड मजिस्टे्रट, उप अधीक्षक पुलिस, तहसीलदार, थानाधिकारी को मोबाइल एवं उनके कार्यालय के दूरभाष पर अवगत कराया जाएगा। नियंत्रण कक्ष प्रभारी इसके 6 घंटे की अवधि में सम्बन्धित अधिकारियों द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी पुनः प्राप्त कर पंजिका में दर्ज कराना सुनिश्चित करेंगे। नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नम्बर 0141-2204475 एवं 0141-2204476 एवं प्रभारी उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा जगदीश प्रसाद रावत के मोबाइल नम्बर 9351472888 हैं।

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