पाकिस्तान के सिंध में अल्पसंख्यक भूख से तड़प रहे, सरकार राहत में कर रही भेदभाव

लोगों ने कहा- कोरोना के कारण भोजन की किल्लत, सरकार नहीं कर रही मदद

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पाकिस्तान में कोरोना महामारी में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे भेदभाव के विरोध में भारतीय सिंधु सभा ने भारत सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने हेतु दिया ज्ञापन

नई दिल्ली (विसं.)। पाकिस्तान में अक्सर अल्पसंख्यकों के साथ दुर्व्यहार और प्रताड़ित करने के मामले सामने आते रहे हैं। अब कोरोना वायरस महामारी के दौर में सरकार अल्पसंख्यकों के साथ राहत में भी भेदभाव कर रही है। उन्हें खाना तक नहीं मुहैया कराया जा रहा। सिंध प्रांत में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और प्रभावशाली लोगों से अपील की है कि वे उन्हें भोजन मुहैया कराएं, क्योंकि सरकार उन लोगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही।

वीडियो जारी कर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांगी मदद

सिंध के एक न्यूज पोर्टल ‘राइज न्यूज’ में एक वीडियो मैसेज अपलोड किया गया है। इस वीडियो में सिंध प्रांत के विंदो कुमार और टंडो एम. खान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भोजन उपलब्ध कराने की मदद मांगी है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के चलते वे लोग काम नहीं कर पा रहे। अब तो खाना तक नहीं है। विंदो ने कहा कि यहां अल्पसंख्यक समुदाय के ज्यादातर लोग ठेका मजदूर, नाई और छोटे विक्रेता हैं। कोरोना वायरस महामारी के कारण काम बंद हो गया है और हम लोग बहुत चिंतित हैं।

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अमेरिकी रिपोर्ट में भी अल्पसंख्यकों से भेदभाव की बात सामने आई थी

अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (यूएससीआईआरएफ) ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि कोरोना संकट के दौरान पाकिस्तान में गैर इस्लामिक लोगों को परेशान किया गया है। आयोग की कमिश्नर अनुरीमा भार्गव ने कहा था कि पाकिस्तान में हिंदुओं और ईसाइयों को जरूरी खाद्य सामग्री भी नहीं दी जा रही। ये समुदाय भूख से लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान सरकार अल्पसंख्यकों की मदद सुनिश्चित करें। किसी व्यक्ति के धार्मिक विश्वास के चलते उसे भूखा रखा जाए यह निंदनीय है।

पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे भेदभाव के विरोध में ज्ञापन प्रेषित

पाकिस्तान में मानवीय मूल्यों का हनन करते हुए हिंदू अल्पसंख्यकों को कोरोना महामारी में सहायता एवं उपचार देने में भेदभाव किया जा रहा है। इसके विरोध में भारतीय सिन्धु सभा के कार्यकारी अध्यक्ष लधाराम नागवाणी, महामंत्री भगवानदास सबनाणी, संगठन मंत्री भगतराम छाबडिया ने एक ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को प्रेषित किया है। लॉकडाउन के कारण यह ज्ञापन ई-मेल से प्रेषित किया गया।

सभा के राष्ट्रीय मंत्री महेन्द्र कुमार तीर्थाणी ने बताया कि ज्ञापन में पाकिस्तान के विभिन्न प्रांतों में रह रहे हिंदू अल्पसंख्यकों यथा सिंधी, बौद्ध, सिक्ख आदि को इस महामारी में भी भोजन, दवाइयां, मेडिकल सुविधा आदि पहुंचाने में भेदभाव किया जा रहा है, जिससे वहां का अल्पसंख्यक समुदाय विचलित एवं असहाय अवस्था में है। आए दिन सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और समाचार पत्रों में भी यह बात उजागर हो रही है।

पाकिस्तान के हिंदू अल्पसंख्यकों को कोरोना महामारी में उचित मेडिकल सुविधा, दवाइयां एवं भोजन दिलाने में भारत सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एवं पाकिस्तानी दूतावास स्तर पर उचित एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भारतीय सिन्धु सभा द्वारा यह ज्ञापन प्रेषित किया गया है।

2 टिप्पणी

  1. Yes really pitty .who ever suffers for not getting food for any reason educated government must feel ashamed of it. Imran Khan speaks so many things. Why he cannot make arrangements for food. Whether you are hindu, muslim or any human must not die becuase of want of food. Sorry Pakistan PM please first become a human

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